निगम चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन सियासी घमासान



कटारिया के रिश्तेदार अतुल चंडालिया, आकाश वागरेचा ने भरा नामाकंन, गिरिजा व्यास के परिवार से हितांशी मैदान में, कांग्रेस से टिकट कटने पर देवेंद्र माली निर्दलीय उतरे
उदयपुर। नगर निगम चुनाव को लेकर उदयपुर में सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन सियासी माहौल गर्माता रहा। कलेक्ट्रेट में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों का जमावड़ा रहा। प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ रैली और शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल करने पहुंचे। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने तक कलेक्ट्रेट परिसर में राजनीतिक हलचल बनी रही।
कांग्रेस ने रविवार को उदयपुर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। सूची में कई नए चेहरों के साथ राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोगों को भी मौका दिया गया है। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा के वरिष्ठ नेता और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के दामाद के भाई अतुल चंडालिया व आकाश वागरेचा ने भी समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और नामाकंन भरा।
गिरिजा व्यास के परिवार से हितांशी शर्मा मैदान में
कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. डॉ. गिरिजा व्यास के परिवार से हितांशी शर्मा ने भी नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस ने उन्हें वार्ड 73 से प्रत्याशी बनाया है। हितांशी शर्मा के साथ उनके ससुर एवं उदयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा भी मौजूद रहे।
टिकट नहीं मिला तो देवेंद्र माली ने खोला मोर्चा
कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस से ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष देवेंद्र माली ने पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अपनाते हुए वार्ड 54 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। माली का कहना है कि वे लंबे समय से वार्ड में कांग्रेस के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थेए लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं देकर बाहरी प्रत्याशी को मौका दिया। माली ने कहा कि वे नामांकन वापस नहीं लेंगे और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में वार्ड 54 में कांग्रेस के लिए बागी प्रत्याशी चुनौती बन सकते हैं।
कलेक्ट्रेट में दिनभर रहा शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के अंतिम दिन सुबह से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कोई खुली जीप में तो कोई कार और रैली के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचा। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दोपहर 3 बजे नामांकन का समय समाप्त होने से कुछ मिनट पहले तक प्रत्याशियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। आखिरी समय में पहुंचे कुछ निर्दलीय प्रत्याशी दौड़ते हुए नामांकन केंद्र तक पहुंचे। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उदयपुर के 80 वार्डों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर और साफ हो गई है।