सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द खेतसिंह मेड़तिया सुरेश कुमार सिद्धार्थ गिरफ्तार !
सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द खेतसिंह मेड़तिया सुरेश कुमार सिद्धार्थ गिरफ्तार !
September 03, 2026
मुम्बई: करोड़ों रुपये के भूमि फर्जीवाड़ा और जालसाजी मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगने के बाद दोनों आरोपियों, खेतसिंह तख्तसिंह मेडतिया और सुरेश कुमार सिद्धार्थ ने आज मीरा-भायंदर कोर्ट के समक्ष सरेंडर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद दोनों आरोपियों के सरेंडर करते ही मामले की जांच कर रही काशिमीरा पुलिस ने उन्हें तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों को कल स्थानीय अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी (रिमांड) की मांग की जाएगी।
यह पूरा मामला शिकायतकर्ता सोहन कंवर शिवराज सिंह द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका से जुड़ा है! जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 दिसंबर 2025 के अग्रिम जमानत आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने 19 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वकील ने अदालत को बताया कि यद्यपि आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया गया है! लेकिन मुख्य विवादित मूल दस्तावेज, जैसे वर्ष 1975 की पावर ऑफ अटॉर्नी, 4 फरवरी 2025 का बिक्री समझौता (Agreement To Sale) और 25 अगस्त 2025 का पुष्टि पत्र (Deed of Confirmation), आरोपियों के कब्जे में हैं! और उन्होंने अब तक इन्हें जांच एजेंसी को नहीं सौंपा है।
वहीं शिकायतकर्ता के वकील ने तर्क दिया था कि पूर्व के मामले में मिली जमानत की राहत का दुरुपयोग करते हुए आरोपियों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर जमीन बिक्री का दूसरा आपराधिक कृत्य कर डाला।
शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता और हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) की आवश्यकता को देखते हुए हाईकोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया था! और आरोपियों को स्थानीय ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है! कि पुलिस हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता पूरी होने और आरोपियों के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद ही वे नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकेंगे! जिस पर ट्रायल कोर्ट बिना किसी पूर्वाग्रह के गुण-दोष के आधार पर विचार करेगी।
यह पूरा मामला नया नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध क्रमांक 336/2025 से संबंधित है। आरोपी खेतसिंह मेडतिया और सह-आरोपी सुरेश कुमार सिद्धार्थ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) के तहत जाली दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर लगभग 1813.62 वर्ग मीटर अचल संपत्ति पर फर्जी दावा करने के उद्देश्य से कूट रचित दस्तावेजों का उपयोग किया। मामले में आरोप है कि वर्ष 1975 की एक कथित पावर ऑफ अटॉर्नी, वर्ष 2005 की जाली पावर ऑफ अटॉर्नी और 31 अगस्त 2007 के बिक्री सह विकास समझौते का सहारा लेकर एमनेस्टी योजना के तहत 4 फरवरी 2025 का बिक्री समझौता और 25 अगस्त 2025 का पुष्टि पत्र (Deed of Confirmation) पंजीकृत कराया गया था।
वर्तमान में इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की जांच काशिमीरा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र कांबले द्वारा की जा रही है! जो कल कोर्ट में आरोपियों की रिमांड हासिल कर मुख्य मूल दस्तावेजों की जब्ती और इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास करेगी।