तोप दागने के साथ हुआ कृष्ण जन्म ,पट खुलते ही जयकारों से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर,
तोप दागने के साथ हुआ कृष्ण जन्म ,पट खुलते ही जयकारों से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर,




आरती उतार बटी पंजरी पंचामृत का प्रसाद
मनीष दवे
राजसमंद:चारभुजा, मेवाड़ के नाथ आराध्य देव प्रभु श्री चारभुजा गड़बोर चार धामों में से एक धाम है! चारभुजाए होने से नाम चारभुजा नाथ पड़ा। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान के उसी रूप के दर्शन करवाएं जब भगवान के बाल स्वरूप का जहां पर शुक्रवार रात्रि 12 :00 बजे भगवान का जन्म हुआ! उससे पूर्व मंदिर के सिपाही द्वारा तोप से गोला दाग कर ठाकुर जी के जन्म की जानकारी दी गई!जिसके बाद पूरे कस्बे सहित मंदिरों में जयकारो के साथ जन्माष्टमी धूम धाम से मनाई गई। इस दौरान मंदिर परिसर ठाकुर जी के. हज़ारों भक्तों से खचाखच भर गया । जहां कस्बे के आसपास के गांव के साथ रामदेवरा दर्शन को जाने वाले जातरुओं से भर गया पैर रखने तक की भी जगह नहीं मिली । पुजारियों ने रात्रि दर्शन शयन के साथ ही हरजस का स्तब्ध तो महिलाओं द्वारा मंगल गीत एवं कृष्ण जन्मोत्सव पर बधावे गाए गए! भगवान की आरती उतारी पंचामृत एवं पंजरी का भोग लगाया गया! सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया ।
श्रद्धालुओं द्वारा पंजीरी का प्रसाद लेकर व्रत खोला ।
उसके साथ मंदिर के पट बंद हो गए