प्रेक्षाध्यान से चित्त की निर्मलता आत्मिक जागरण का संदेश

प्रेक्षाध्यान से चित्त की निर्मलता आत्मिक जागरण का संदेश
विकास धाकड़
मुंबई:विलेपार्ले आचार्य महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री राकेश कुमारी आदि ठाणा 4 के सान्निध्य में सिम्फनी हॉल में पर्युषण महापर्व का सातवां दिवस ध्यान दिवस के रूप में हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री के नवकार मंत्र उच्चार से हुआ। तत्पश्चात अंधेरी-साकीनाका महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण की सुंदर प्रस्तुति दी गई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी श्री राकेश कुमारी ने प्रेक्षाध्यान के महत्व को उजागर करते हुए कहा, “प्रेक्षाध्यान क्यों किया जाता है? प्रेक्षाध्यान करने का प्रयोजन है चित्त की निर्मलता का विकास हो प्रेक्षाध्यान आत्मा के समीप चित्त को निर्मल बनाने का करिश्मा है। प्रेक्षाध्यान करने से शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक उपलब्धि होती है।
साध्वी श्री ने कहा, “प्रेक्षाध्यान की पृष्ठभूमि है, त्रिगुप्ति की साधना करना जीवन को सेट करने का अलौकिक प्रयोग है! प्रेक्षाध्यान।
भीतर में छिपे अनंत खजाने को प्राप्त करने की, खोलने की अनमोल चाबी है, प्रेक्षाध्यान। साध्वी श्री ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को इंद्रिय विजय प्रयोग करवाते हुए इंद्रियों एवं मन को नियंत्रण में रखने की प्रेरणा दी। तत्पश्चात साध्वी श्री ने सत्ताईस भवों का सुंदर विस्तार करते हुए प्रवचन दिया। साथ ही भगवान महावीर के भवों की विस्तृत जानकारी देते हुए अठारहवें भव के आगे के भवों के बारे में भी विस्तार से बताया। साध्वी श्री विपुलयशा ने ध्यान क्यों करना चाहिए एवं ध्यान की उपयोगिता पर अपने भाव व्यक्त किए। उन्होंने प्रेक्षाध्यान के विभिन्न प्रयोगों पर भी प्रकाश डाला। रात्रिकालीन कार्यक्रम में साध्वी श्री विपुल यशा ने ऐतिहासिक घटनाओं के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख किया। इसी अवसर पर विले पार्ले महिला मंडल द्वारा एक बेहद रोचक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का संचालन अपेक्षा मेहता, पलक मेहता एवं महिला मंडल मंत्री वनिता वडाला ने किया, जिसमें उपस्थित सभी भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विलेपार्ले ते.यु.प अध्यक्ष महेंद्र वडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवती संवत्सरी, क्षमायाचना एवं संवत्सरी के पारणा के मुख्य प्रायोजक स्वर्गीय गिन्नी देवी दुग्गड़, सरोज-मदन दुग्गड़, मधु-शांतिलाल दुग्गड़, उषा-आलोक, वंदना-अजीत, मुस्कान-श्रेयांश जौहरी परिवार एवं दुग्गड़ परिवार, सरदारशहर निवासी,विलेपार्ले प्रवासी हैं। मंच का संचालन करते हुए साध्वी श्री मलय विभा ने सभी को संवत्सरी पे अष्टप्रहरी पौषध एवं प्रवचन श्रवण की विशेष प्रेरणा दी। इस अवसर पर भानु कुमार नहाटा, चैनरूप दुग्गड़, दीपक पुगलिया, प्रदीप बोकाड़िया अंधेरी सभा के अध्यक्ष, सांताक्रूज़ ते यु प के अध्यक्ष ओम प्रकाश चौरडिया, बाबूलाल बोहरा, मदनलाल चपलोत, बांद्रा के अध्यक्ष सुरेश , विनय दुग्गड़ आदि सभी की कार्यक्रम में उपस्थिति रही। इस अवसर पर विले पार्ले तेयुप अध्यक्ष महेंद्र वडाला, मंत्री रॉकी कोठारी, कोषाध्यक्ष मुकेश वडाला, सुनील वडाला, अनिल बाफना, चेतन जी सिंघवी, अरविंद कोठारी, मुकेश कोठारी, विजय गेलड़ा, तखतमल कोठारी, दीपक
डागलिया, भूपेंद्र डागलिया, कल्पेश वडाला, दिलीप मेहता आदि की सक्रिय सहभागिता रही। विलेपार्ले महिला मंडल की अध्यक्षा कुसुम कोठारी, मंत्री वनिता वडाला, अनीता सिंघवी, अनुसूया वडाला, सुमित्रा वडाला, सुशीला वडाला, हेमा कोठारी, हंसा मेहता, शैली जैन, पुष्पा रामपुरिया, रेखा कोठारी, शिल्पा डागलिया, भावना डागलिया, अंकिता वडाला, सुनीता गेलड़ा, रीना बाफना, सारिका वडाला आदि सहित सभी कार्यकर्ताओं ने पर्युषण पर्व की तैयारियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संवत्सरी महापर्व के विशेष आयोजन की तैयारियों में विले पार्ले समाज पूरी सक्रियता एवं उत्साह के साथ जुटा हुआ है! ऐसी जानकारी अरविंद कोठारी द्वारा दी गई।