श्री नागेश्वर गौशाला बांसड़ा में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्याम चौबीसा का राजकीय अभिनंदन
श्री नागेश्वर गौशाला बांसड़ा में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्याम चौबीसा का राजकीय अभिनंदन
संतों का किया सम्मान
सेवा से अभिभूत होकर विधायक ने गौशाला में डॉम बनवाने की घोषणा की
रिया व्यास 
उदयपुर: श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ गौशाला बांसड़ा में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार द्वारा मंदिरों - मठों में भक्तों - संतों का किया सम्मान ।
सेवा से अभिभूत होकर विधायक ने गौशाला में डॉम बनवाने की घोषणा की।
भीण्डर उपखंड अंतर्गत संचालित श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ गौशाला बांसड़ा के संस्थापक संचालक श्यामलाल चौबीसा का देवस्थान विभाग द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गृहस्थ संत हृदय व्यक्तित्व का सम्मान किया गया। गौशाला के अध्यक्ष भरत जारोली ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं जोराराम कुमावत मंत्री देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार जयपुर ने जिला प्रशासन को सम्मान हेतु प्रशस्ति संदेश पत्र,मिठाई, शॉल,दुपट्टा,माला एवं2100/भेट भिजवाई जिसको लेकर उपखंड अधिकारी उपस्थित हुवे। गौशाला में गौ पूजन एवं गुड़ का भोग लगाकर सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमें समारोह के मुख्य अतिथि उदय लाल डांगी विधायक वल्लभनगर थे ।अध्यक्षता श्रीमती अभिलाषा उपखंड अधिकारी भीण्डर, सम्माननीय अतिथि गुलाब सिंह गुर्जर विकास अधिकारी पंचायत समिति भीण्डर, फुलाराम मीणा तहसीलदार भीण्डर, बगदाराम मीणा तहसीलदार कानोड़ के अलावा विपिन गोस्वामी भीण्डर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष, प्रकाश चंद्र जैन, धनराज अहीर बाबूलाल डांगी, ओमप्रकाश मेनारिया भरत कुमार मेनारिया पंचायत समिति सदस्य,आदि की उपस्थिति में समारोह आयोजित हुआ।
उपखंड अधिकारी भीण्डर ने प्रशासन की ओर से उद्बोधन देते हुवे भाव प्रकट किये कि हमारे क्षेत्र के ऐसे होनहार गौ सेवा में समर्पित निष्ठावान, आध्यात्मिक जीवन को जीने वाले चौबीसा का सम्मान मुख्यमंत्री महोदय के आदेश से करने का अवसर प्राप्त हुवा है यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है।
समारोह के मुख्य अतिथि उदय लाल डांगी विधायक ने अपने भाव प्रकट करते हुए कहा कि जिसका जीवन पूर्ण रूप से आध्यात्मिक हो और गृहस्थ जीवन को जीते हुवे भी धर्म पथपर चल कर आध्यात्मिक जीवन को जीता हो ऐसे व्यक्ति का चयन राजस्थान सरकार के द्वारा किया गया जो मेरी विधानसभा क्षेत्र का व्यक्तित्व है। हम सरकार के आदेश की पालना कर आज श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ गौशाला में उपस्थित होकर श्री चौबीसा का अभिनंदन करने का अवसर प्राप्त हुआ हैं।
योगेश कुमार भादावत सेवानिवृत्ति तहसीलदार संरक्षक ने गौशाला की ओर से स्वागत उद्बोधन में चौबीसा के द्वारा विगत 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर प्रकाश डाला। अपने जीवन में कष्टो को भी फूलों का हार मानकर स्वीकार करते हुए अपने कार्य को गति प्रदान की उनकी सेवा यात्रा के हम साक्षी हैं। कि ये कभी दिन और रात नहीं देखते और सेवा में लगे रहते हैं।
समापन पर आभार प्रदर्शन भरत कुमार जारौली अध्यक्ष ने प्रकट किया। और राजस्थान सरकार के द्वारा गौशाला के संस्थापक संचालक चौबीसा के नाम का चयन कर विधायक महोदय के साथ-साथ उपखंड क्षेत्र भीण्डर के समस्त अधिकारियों की उपस्थिति में सम्मान का जो हमें गौरव प्रदान किया है। हम सदैव ऋणी रहेंगे। विधायक एवं पदाधिकारी से अनुरोध किया कि जब भी आप इस रास्ते से पधारे तब गौशाला में पधारते रहे ताकि हम सेवा में
संलग्न रहकर मार्ग से भटके नहीं।
रामावत ने बताया। कि चौबीसा गौशाला प्रांगण में गौ वंश को श्री मद भागवत कथा का रसपान करवाते हुवे गौ व्रती रह कर जीवन जीते है।आस पास के गांवों में आयोजित कई कथाओं में आध्यात्मिक उद्बोधन देते रहते है। समाज में अच्छे गौ सेवक के रूप में पहचान है।
सरकार द्वारा सम्मानित हुए चौबीसा ने अपने विचार रखे ।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत भरत कुमार जारौली अध्यक्ष ,देवराम व्यास कार्यकारी अध्यक्ष, रामेश्वर लाल व्यास संरक्षक, मांगीलाल जोशी ,गोपाल कृष्ण चौबीसा, योगेंद्र कुमार भादावत ,प्रकाश चौबीसा, गोवर्धन सिंह शक्तावत जेलाई ,प्रेम शंकर पुष्करणा इंटाली,राजेश कुमार मेनारिया व्यास ,दिलीप कुमार चौबीसा धनंजय चौबीसा, राजेश कुमार गर्ग,नारायण लाल अहीर ग्राम विकास अधिकारी, डॉ कैलाश लोहार मुकेश कुमार खटीक पूर्व सरपंच , श्रीमती उषा चौबीसा श्रीमती रेणु गर्ग , त्रिभुवन कुमार चौबीसा आदि के द्वारा किया गया स्वागत समारोह में दिलीप कुमार मेनारिया पटवारी ,ओम प्रकाश मेनारिया मेनार, तुलसीराम मेनारिया, मनोज कुमार मीणा पटवारी,माधव लाल घटाला सुरेश कुमार घटाला जाट , शांतिलाल मेनारिया, कन्हैयालाल मेनारिया, देवराम मेनारिया रमेश चंद्र चौबीसा राजेंद्र कुमार जाट पशुधन सहायक,
मुख्यमंत्री के संदेश पत्र का वाचन एवं स्वागत समारोह के कार्यक्रम का संचालन प्रेम शंकर रामावत कार्यकारी अध्यक्ष नागेश्वर ज्ञान विकास संस्थान के द्वारा किया गया।