राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होगी पिपलान्त्री फिल्म
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होगी पिपलान्त्री फिल्म
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पेड़ लगाओ देश-विदेश में गूंजा पिपलान्त्री का नाम
दिनेश पुरोहित
राजसमंद: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होगी पिपलान्त्री फिल्म 
इस फिल्म को 'Best Non-Feature Film Promoting Social and Environmental Values' (सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म) के प्रतिष्ठित पुरस्कार देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के हाथों
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।
फिल्म की कहानी और पिपलांत्री मॉडल?
यह डॉक्यूमेंट्री पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल के उस दूरदर्शी विचार और संघर्ष को दिखाती है।, जिसने कभी मार्बल खनन के मलबे और पानी की भीषण कमी से जूझते पिपलांत्री को आज एक वैश्विक मिसाल बना दिया है। पालीवाल ने अपनी दिवंगत पुत्री किरण की स्मृति में एक ऐतिहासिक शुरुआत की थी:
111 पौधों का संकल्प: गांव में जब भी किसी बेटी का जन्म होता है। तो पूरा समुदाय मिलकर 111 पौधे लगाता है। आज लाखों पेड़ों की वजह से गांव का वाटर लेवल (भूजल स्तर) वापस ऊपर आ गया है।
बेटी की सुरक्षा: पेड़ लगाने के साथ-साथ बेटी के नाम पर बैंक में फिक्स डिपॉजिट (FD) करवाई जाती है। और माता-पिता से शपथ पत्र लिया जाता है। कि वे बेटी को पूरी शिक्षा देंगे और बाल विवाह नहीं करेंगे।
यह फिल्म पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि कैसे 'पर्यावरण' (Ecology) और 'नारी शक्ति' (Feminism) को एक साथ जोड़कर समाज को बदला जा सकता है।
फिल्म के मुख्य सूत्रधार
निर्देशक (Director): सूरज कुमार
प्रोड्यूसर: जॉनसन सूरज फिल्म्स इंटरनेशनल
भाषाएं: हिंदी, राजस्थानी और अंग्रेजी जिससे यह वैश्विक मंच तक पहुंचे
यह पुरस्कार श्याम सुंदर पालीवाल के दृढ़ संकल्प, पिपलांत्री के प्रत्येक ग्रामवासी की मेहनत और हमारी बेटियों के सम्मान की सामूहिक जीत है।