श्रीनाथजी प्रभु के जन्मोत्सव पर 21 तोपों की सलामी,नंदराय के घर लालन के जन्म की खुशी में सलामी दी जाती है
प्रभु के जन्मोत्सव पर 21 तोपों की सलामी,
नंदराय के घर लालन के जन्म की खुशी में सलामी दी जाती है
नरेंद्र पालीवाल
राजसमंद:नाथद्वारा पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व का सबसे विशेष आकर्षण रात्रि 12:00 बजे दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी है। मान्यता है कि नंदराय के घर लालन के जन्म की खुशी में यह सलामी दी जाती है!, ताकि गांव के मुखिया नंदराय के गांव व आसपास के क्षेत्रों में लोगों तक यह सूचना पहुंच जाए कि उनके तारणहार का जन्म हो चुका है !और वे इसकी खुशियां मनाना शुरू करें। श्रीनाथजी के करीब 350 वर्ष पूर्व मेवाड़ पधारने के समय से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। नाथद्वारा को ब्रज का ही एक स्वरूप मानते हुए यहां भी आसपास के गांवों के लोग रात्रि 12 बजे तोपों की आवाज सुनकर श्रीकृष्ण जन्म की खुशियां मनाते हैं। ठीक 12:00 बजे मंदिर की छतरी से बिगुल बजाकर कृष्ण जन्म की सूचना दी जाती है !और बिगुल बजने के साथ ही तोपों की सलामी शुरू हो जाती