प्रसन्नदेव विजयजी म.सा आदि जैन संतो के उद्योगपति बाबूलाल भंसाली ने किए दर्शन लिया आशीर्वाद

गौरी दवे
मुंबई: मुम्बई के कमाठीपुरा जैन संघ में चातुर्मासरत विराजित प्रवचनकार प्रसन्नदेव विजयजी म.सा एवं परम पूज्य मुनिराज नंदीसेन विजयजी म.सा से आशीर्वाद लेने पहुंचे। उद्योगपति बाबुलाल भंसाली जहां गुरु भगवंत से आशीर्वाद लिया वह धार्मिक एवं समाज सम्बंधित की चर्चा की जिनशासन रत्न, समाजसेवी बाबुलाल भंसाली हाडेचा निवासी जिन्होंने गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया। उसके पश्चात एक तीथी और दो तीथी के मतांतर को एक करने के लिए चार वर्षों से सतत् प्रयास रत है। पीछले चार वर्षों में 265 जैन आचार्य भगवंत से मिल चूके है। एकता के सूत्र में बांधने हेतु सतत् प्रयास जारी हैं।आज तक भंसाली ने दो लाख किलोमीटर तक का पड़ाव कर चुके है।नेमिनाथ जैन संघ के उपाध्यक्ष नरपत कटारिया संघवी ने अपने वक्तव्य में कहा की आप पहली बार इस संघ में पधारें है। हमारे श्री संघ के लिए गौरव की बात है।आप इसी तरह श्री संघ में हमें आपकी सेवा का लाभ देते रहे यह ही आपसे भावभरी विनंती हैं।इसी कड़ी में हमारे कामाठीपुरा श्री संघ के अद्भभुत श्रोता जिनकी वाणी में एक ऐसी फूलछड़ी है।जो हर एक संघ के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ऐसे हमारे श्रावक बागोड़ा निवासी मुकेश चौधरी जिन्होंने अपने वक्तव्य से यह संबोधित किया। की जैसे युगादि देव आदिनाथ के समय में कल्पवृक्ष हुआ करता था।लेकिन जैसे जैसे लोगों में इसका लोभ प्रबोलन बढ़ना चालु हुआ कल्पवृक्ष का प्रभाव अलोप हुआ । कारण मात्र इतना ही की लोग इसका उपयोग बिन जरूरी प्रचुर मात्रा में करने लगे। आज वर्तमान में जिसका शासन चल रहा है । ऐसे प्रभु महावीर स्वामी ने धर्म तीर्थ की स्थापना की जिसमें साधु साध्वी, श्रावक -श्राविका कहने का अर्थ प्रभु महावीर का शासन और 21000 हजार वर्ष तक चलेंगा और जब तक इस धरती पर प्रभु के शासन को चलाने में ऐसे विरले दानवीर समाजसेवी शासन रत्न बाबुलाल भंसाली जैसो का आवागमन बनता रहेगा। तो हमारे इस शासन को कोई आंच नहीं आयेंगी।हम इस वर्तमान काल में यह कह सकते हैं। प्रभु के शासन को चलाने के लिए आप सुंदर भाव तो रखो। बस आपको कल्पवृक्ष की तरह बाबुलाल भंसाली का सहयोग मिलता रहेगा।
कमाटीपुरा जैन संघ के अध्यक्ष जोईत भंसाली,घेवर देवड़ा,ट्रस्टी नरपत मोरसीम,पारसमल चौधरी बागोडा, सुरेश दिनेश भंसाली , सुरेश दोशी, चौधरी,सुमेर भंसाली,उतम चौधरी,राजु चौधरी,नगराज , लालचंद गांधी मेहता,मुकेश चौधरी,कमलेश संघवी, विक्रम चौधरी,गुड़ामालानी,
दिलिप कुमार भंसाली,संजय भंसाली,भावेश जोशी, सुरेश भंसाली, के विक्रम सुराणा, संगीतकार पियुष मोरसीम ,प्रकाश चौधरी, कांतिलाल भंसाली,आदि श्रावक मौजूद थे।